यह आजाद भारत का सबसे बडा अत्याचार है
*अपने ही देशमें राष्ट्रभक्ति करना अपराध ! *
*राजधानी प्रवेशपर योगऋषि प.पू. बाबा रामदेवको बंदी ! *
*राष्ट्रभक्तोंपर अमानवीय अत्याचार ! *
*नई दिल्ली -* योगऋषि प.पू. बाबा रामदेव आज दिल्लीसे विशेष विमानसे देहरादून
पहुंचे और वहांसे वे हरिद्वार के लिए रवाना हो गए । वे अपने मुख्यालय पतंजलि
आश्रम पहुंच गए हैं । वे पूरी तरह सफेद कपडोंमें हैं । पुलिसने उनके दिल्लीमें
अगले आदेशतक घुसनेपर भी पाबंदी लगा दी है। जानकारीके अनुसार कम से कम १५ दिन वे
दिल्लीकी सीमामें नहीं घुस पाएंगे ।
इसी बीच पुलिसने कहा है कि बाबाको दी गई योग शिविरकी स्वीकृति रद्द कर दी गई है
। पुलिसने रामलीला मैदान को अपने कब्जेमें ले लिया है और धारा १४४ लागू कर दी
है । बाबा के कई समर्थक, दिल्ली के कुछ अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं । पकडे
जाने से पहले सरकार की आलोचना करते हुए बाबाने कहा कि यह आजाद भारत का सबसे बडा
अत्याचार है ।
रामदेव बाबा ने शनिवार सुबह भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ अनशन शुरू किया
था। आधी रात के बाद पुलिस रामलीला ग्राउंड के पंडालमें पहुंची और बाबा को उठा
कर ले गई। इससे पहले पंडाल में जबरदस्त हंगामा हुआ । पंडाल में हजारों लोगों
की मौजूदगी के बावजूद आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठियां चलाई गर्इं । महिलाओं
से धक्कामुक्की की गई।
करीब पांच हजार पुलिसकमिर्यों ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे
पूरे रामलीला ग्राउंड को घेर लिया था। पुलिस ने पंडाल उखाड़ दिए और मंच पर रखे
माइक व अन्य सामान तोड़ने की कोशिश की। बाबा मंच से गिर गए। दिल्ली में डटे
बाबा के हजारों समर्थक दिल्ली छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। आशंका है कि वे
जंतर मंतर पर जुट कर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
इस आशंका के मद्देनजर जंतर मंतर इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हरिद्वार,
रुड़की सहित उत्तराखंड के कुछ जगहों पर भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रामलीला
ग्राउंड को खाली करा कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस इलाके के
आसपास धारा १४४ लगा दी गई है।
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*संतोंके साथ आतंकवादियोंके समान व्यवहार !*
आतंकवादियोंपर सरकारी धन खर्च करना तथा निरपराध भक्तोंपर लाठियां बरसाना -
सरकारका घोर पक्षपात !
*नई दिल्ली -* पुलिसने आधी रात को यहां रामलीला मैदानमें कार्रवाई करते हुए
योगगुरु बाबा रामदेवके समर्थकों पर आसू गैस के गोले दागे और लाठिया बरसाई।
योगगुरु बाबा रामदेवके प्रमुख सहयोगी श्री. तिजरावालाने आरोप लगाया कि पुलिसने
योगगुरू का अपहरण कर लिया है। प्रवक्ताने योगगुरूकी जानको लेकर चिंता जताई है ।
उन्होंने प्रधान न्यायाधीशसे बाबाकी सुरक्षा एवं रिहाई सुनिश्चित करनेके लिए
हस्तक्षेप करनेकी अपील की।
एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि उनके विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए
राजनीतिक निर्णय लिया गया जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। योगगुरु बाबा रामदेवने
कहा कि, सरकार ने उनके साथ धोखा और विश्वासघात किया है और उन्होंने जीवन में
कभी भी सिब्बल से बातचीत नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह
प्रधानमंत्री की ही बात मानेंगे। आधी रातको बाबा रामदेवके समर्थकोंको सोते से
जगा दिया गया। उनके समर्थक पुलिस कार्रवाई के विरोध में उठ खड़े हुए।
पुलिस के आसू गैस के गोले दागने से कई वृद्ध महिलाएं बेहोश हो गर्इं । उनके ३०
घायल समर्थक समीप के एक अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं । बाबा रामदेव अपने
समर्थकों से शांति बनाए रखने अपील करते हुए देखे गए । जब आसू गैस का एक गोला
मंच पर गिरा तब मंच में भी आग लग गई । अपने समर्थकोंको संबोधनमें रामदेवने
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंहसे अपील की कि, उन्हें दिनमें गिरफ्तार किया जाए ।
उन्होंने कहा, ‘मुझे बिना किसी सूचनाके रातमें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है ।
मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं ।' उन्होंने दिल्ली के लोगों से
अनशन में बड़ी संख्या में आने की भी अपील की।
पुलिस कार्रवाईके दौरान बैनर फाड दिए गए । गद्दे और फर्नीचर रामलीला मैदान में
इधर उधर बिखरे पडे थे । रामलीला मैदान से बडी संख्या में लोग जाते हुए देखे गए
। प्रश्न यह है कि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तब सरकारने ऐसी कार्रवाई क्यों की।
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स्वयं भ्रष्टाचारमें गले तक डूबे कांग्रेस महासचिव (मौलाना) दिग्विजय (खान)
सिंहकी विष फुत्कार !
*राष्ट्रद्रोहकी लत होनेके कारण बाबा रामदेवकी राष्ट्रकी निष्ठा सहन न हो पाना
!*
*नई दिल्ली -* रामलीला मैदानमें पुलिस कार्रवाईको सही ठहराते हुए कांग्रेस
महासचिव दिग्विजय (खान)सिंह ने बाबा रामदेवको ‘ठग' बताया और कहा कि उनके साथ
वही हुआ जो एक ठग के साथ होना चाहिए । सिंह ने १९९४ से लेकर अब तक की बाबा की
गतिविधियों की जांच की भी मांग की। दिग्विजय (खान) सिंह ने अनशन समाप्त करने के
लिए महिलाओं और लोगों पर पुलिसकी कार्रवाईके सवालपर कहा कि यह काम प्रशासनका है
और यहांकी व्यवस्थाओंको संभालनेके लिए उन्होंने ऐसा निर्णय लिया ।
सिंह ने अपनी यह बात भी दोहराई कि बाबा का आदोलन पहले दिन से आरएसएस द्वारा
प्रेरित और नियंत्रित है। उन्होंने कहा कि जब से संघ परिवार पर आतंकवाद के आरोप
लगे हैं तब से वे ध्यान बाटने के लिए यह योजना बना रहे हैं।
*अपने ही देशमें राष्ट्रभक्ति करना अपराध ! *
*राजधानी प्रवेशपर योगऋषि प.पू. बाबा रामदेवको बंदी ! *
*राष्ट्रभक्तोंपर अमानवीय अत्याचार ! *
*नई दिल्ली -* योगऋषि प.पू. बाबा रामदेव आज दिल्लीसे विशेष विमानसे देहरादून
पहुंचे और वहांसे वे हरिद्वार के लिए रवाना हो गए । वे अपने मुख्यालय पतंजलि
आश्रम पहुंच गए हैं । वे पूरी तरह सफेद कपडोंमें हैं । पुलिसने उनके दिल्लीमें
अगले आदेशतक घुसनेपर भी पाबंदी लगा दी है। जानकारीके अनुसार कम से कम १५ दिन वे
दिल्लीकी सीमामें नहीं घुस पाएंगे ।
इसी बीच पुलिसने कहा है कि बाबाको दी गई योग शिविरकी स्वीकृति रद्द कर दी गई है
। पुलिसने रामलीला मैदान को अपने कब्जेमें ले लिया है और धारा १४४ लागू कर दी
है । बाबा के कई समर्थक, दिल्ली के कुछ अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं । पकडे
जाने से पहले सरकार की आलोचना करते हुए बाबाने कहा कि यह आजाद भारत का सबसे बडा
अत्याचार है ।
रामदेव बाबा ने शनिवार सुबह भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ अनशन शुरू किया
था। आधी रात के बाद पुलिस रामलीला ग्राउंड के पंडालमें पहुंची और बाबा को उठा
कर ले गई। इससे पहले पंडाल में जबरदस्त हंगामा हुआ । पंडाल में हजारों लोगों
की मौजूदगी के बावजूद आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठियां चलाई गर्इं । महिलाओं
से धक्कामुक्की की गई।
करीब पांच हजार पुलिसकमिर्यों ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे
पूरे रामलीला ग्राउंड को घेर लिया था। पुलिस ने पंडाल उखाड़ दिए और मंच पर रखे
माइक व अन्य सामान तोड़ने की कोशिश की। बाबा मंच से गिर गए। दिल्ली में डटे
बाबा के हजारों समर्थक दिल्ली छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। आशंका है कि वे
जंतर मंतर पर जुट कर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
इस आशंका के मद्देनजर जंतर मंतर इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हरिद्वार,
रुड़की सहित उत्तराखंड के कुछ जगहों पर भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रामलीला
ग्राउंड को खाली करा कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस इलाके के
आसपास धारा १४४ लगा दी गई है।
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*संतोंके साथ आतंकवादियोंके समान व्यवहार !*
आतंकवादियोंपर सरकारी धन खर्च करना तथा निरपराध भक्तोंपर लाठियां बरसाना -
सरकारका घोर पक्षपात !
*नई दिल्ली -* पुलिसने आधी रात को यहां रामलीला मैदानमें कार्रवाई करते हुए
योगगुरु बाबा रामदेवके समर्थकों पर आसू गैस के गोले दागे और लाठिया बरसाई।
योगगुरु बाबा रामदेवके प्रमुख सहयोगी श्री. तिजरावालाने आरोप लगाया कि पुलिसने
योगगुरू का अपहरण कर लिया है। प्रवक्ताने योगगुरूकी जानको लेकर चिंता जताई है ।
उन्होंने प्रधान न्यायाधीशसे बाबाकी सुरक्षा एवं रिहाई सुनिश्चित करनेके लिए
हस्तक्षेप करनेकी अपील की।
एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि उनके विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए
राजनीतिक निर्णय लिया गया जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। योगगुरु बाबा रामदेवने
कहा कि, सरकार ने उनके साथ धोखा और विश्वासघात किया है और उन्होंने जीवन में
कभी भी सिब्बल से बातचीत नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह
प्रधानमंत्री की ही बात मानेंगे। आधी रातको बाबा रामदेवके समर्थकोंको सोते से
जगा दिया गया। उनके समर्थक पुलिस कार्रवाई के विरोध में उठ खड़े हुए।
पुलिस के आसू गैस के गोले दागने से कई वृद्ध महिलाएं बेहोश हो गर्इं । उनके ३०
घायल समर्थक समीप के एक अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं । बाबा रामदेव अपने
समर्थकों से शांति बनाए रखने अपील करते हुए देखे गए । जब आसू गैस का एक गोला
मंच पर गिरा तब मंच में भी आग लग गई । अपने समर्थकोंको संबोधनमें रामदेवने
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंहसे अपील की कि, उन्हें दिनमें गिरफ्तार किया जाए ।
उन्होंने कहा, ‘मुझे बिना किसी सूचनाके रातमें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है ।
मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं ।' उन्होंने दिल्ली के लोगों से
अनशन में बड़ी संख्या में आने की भी अपील की।
पुलिस कार्रवाईके दौरान बैनर फाड दिए गए । गद्दे और फर्नीचर रामलीला मैदान में
इधर उधर बिखरे पडे थे । रामलीला मैदान से बडी संख्या में लोग जाते हुए देखे गए
। प्रश्न यह है कि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तब सरकारने ऐसी कार्रवाई क्यों की।
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स्वयं भ्रष्टाचारमें गले तक डूबे कांग्रेस महासचिव (मौलाना) दिग्विजय (खान)
सिंहकी विष फुत्कार !
*राष्ट्रद्रोहकी लत होनेके कारण बाबा रामदेवकी राष्ट्रकी निष्ठा सहन न हो पाना
!*
*नई दिल्ली -* रामलीला मैदानमें पुलिस कार्रवाईको सही ठहराते हुए कांग्रेस
महासचिव दिग्विजय (खान)सिंह ने बाबा रामदेवको ‘ठग' बताया और कहा कि उनके साथ
वही हुआ जो एक ठग के साथ होना चाहिए । सिंह ने १९९४ से लेकर अब तक की बाबा की
गतिविधियों की जांच की भी मांग की। दिग्विजय (खान) सिंह ने अनशन समाप्त करने के
लिए महिलाओं और लोगों पर पुलिसकी कार्रवाईके सवालपर कहा कि यह काम प्रशासनका है
और यहांकी व्यवस्थाओंको संभालनेके लिए उन्होंने ऐसा निर्णय लिया ।
सिंह ने अपनी यह बात भी दोहराई कि बाबा का आदोलन पहले दिन से आरएसएस द्वारा
प्रेरित और नियंत्रित है। उन्होंने कहा कि जब से संघ परिवार पर आतंकवाद के आरोप
लगे हैं तब से वे ध्यान बाटने के लिए यह योजना बना रहे हैं।